Wednesday, 12 August 2026
Breaking News
ब्रिटिश हाई कमीशन का संदेश: वीजा धोखाधड़ी से बचें, सुरक्षित रास्ता अपनाएं छात्रों के मुख्य न्यायाधीश का विरोध के मायने श्री नंद लाल सिलीवाल की रसम पगड़ी और प्रार्थना सभा 12 अगस्त को फाजिल्का में "तीज मुटियारां दी" का 14 अगस्त को पंचकूला में होगा भव्य आयोजन शहीद उधम सिंह क्लब ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में जागरूकता अभियान शुरू किया भगवंत मान को सपने में भी दिखाई देता है हरियाणा का मुख्यमंत्री- नायब सिंह सैनी श्री हरि सिमरण सेवा समिति सेक्टर 45 में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, पहले दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिव्य गीता सत्संग के समापन दिवस पर उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज का आशीर्वाद श्री दिगंबर जैन मंदिर, सेक्टर 27 में मासिकनमोकार मंत्र एवं भक्तामर दीपार्चना का भव्य आयोजन गरिमा के रॉयल तीज समारोह में उमड़ा महिलाओं का उत्साह
चर्चा Trending

तिरुपति मंदिर के प्रसाद की जांच तक वितरण बंद किया जाए: लक्ष्मीकांता चावला

Read in:Hindi

(MOREPIC1) फेस2न्यूज/ अमृतसर

पूर्व मंत्री और भाजपा नेत्री लक्ष्मीकांता चावला ने कहा है कि आंध्रप्रदेश के श्री तिरुपति बालाजी के मंदिर में लड्डुओं का जो प्रसाद बनता है उसमें पशुओं की चर्बी मिला घी का प्रयोग करने का पूरे देश में विरोध हो रहा है। भारत सरकार ने यद्यपि यह घोषणा कर दी है कि केंद्रीय खाद्य पदार्थों की जांच करने वाली एजेंसी के द्वारा इसकी जांच करवाई जाएगी, पर जब तक यह जांच नहीं हो जाती तब तक क्या यह लड्डू बनने और बांटने बंद कर दिए जाएंगे?

सच तो यह है कि इस समाचार के बाद किसी भी मंदिर से और किसी भी हलवाई की दुकान से कोई भी प्रसाद या मिठाई खाने में संकोच हो रहा है। मेरा भारत सरकार और सभी प्रांतों की सरकारों से यह निवेदन है कि वे अपने अपने राज्य के सभी धार्मिक संस्थानों के यहां बनने और बांटने वाले भोजन प्रसाद की जांच करवाएं और यह देखें कि कहां—कहां पशुओं की चर्बी मिले घी से प्रसाद तैयार किया जा रहा है।

(SUBHEAD)भारत सरकार अपने सारे साधनों का युद्ध स्तर पर प्रयोग करके जनता को यह जानकारी दे कि हमें जो मार्केट में घी बिक रहा है, हलवाई जिसका प्रयोग कर रहे हैं, मंदिरों में जिसका प्रसाद बन रहा है वह खाना चाहिए या नहीं। अभी तो पूरी जनता विशेषकर शाकाहारी लोग गंभीर आशंका से घिरे हुए हैं।

शाकाहारी समाज किसी भी कीमत पर इन लोगों को माफ करने को तैयार नहीं, जो जानबूझकर भक्तों को पशुओं की चर्बी मिला घी और प्रसाद खिला रहे हैं। जब तक यह जांच नहीं हो जाती तिरुपति मंदिर से विशेषकर और शेष बड़े मंदिरों से भी इस तरह प्रसाद बनाना और बांटना बंद कर दिया जाए।