Tuesday, 19 May 2026
Breaking News
कंस वध एवं श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं भक्तिरस से ओत-प्रोत किया वर्णन 'कॉकरोच' का सम्मान युवाओं के जोश को सही दिशा देने से वो भटकने से बच सकते हैं : आचार्य प्रशांत अग्रवाल समाज का इतिहास गौरव व गरिमा से परिपूर्ण: मुख्यमंत्री नायब सैनी घर में रख रहें है नौकर- तो पहले करवा लें पुलिस वेरिफिकेशन 156 सीबीएसई विद्यालयों में उपलब्ध होंगे तीनों संकाय शैलजा शर्मा को “डिवालिशियस मिसेज सीनियर इंडिया यूनिवर्स 2026” सम्मान, पूनम परमार बनीं मिसेज यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन की ब्रांड एंबेसडर सनातन संस्कृति को अपनाकर ही समृद्ध और खुशहाल बन सकता है किसान स्कूलों में पारदर्शिता लाने के लिए मोदी सरकार के ‘मास्टरस्ट्रोक' से स्कूल संचालकों में बेचैनी 17 मई से शुरू होगा पुरुषोत्तम मलमास, 15 जून तक रहेंगे मांगलिक कार्य वर्जित : पंडित रोशन शास्त्री
चर्चा Trending

तिरुपति मंदिर के प्रसाद की जांच तक वितरण बंद किया जाए: लक्ष्मीकांता चावला

Read in:Hindi

(MOREPIC1) फेस2न्यूज/ अमृतसर

पूर्व मंत्री और भाजपा नेत्री लक्ष्मीकांता चावला ने कहा है कि आंध्रप्रदेश के श्री तिरुपति बालाजी के मंदिर में लड्डुओं का जो प्रसाद बनता है उसमें पशुओं की चर्बी मिला घी का प्रयोग करने का पूरे देश में विरोध हो रहा है। भारत सरकार ने यद्यपि यह घोषणा कर दी है कि केंद्रीय खाद्य पदार्थों की जांच करने वाली एजेंसी के द्वारा इसकी जांच करवाई जाएगी, पर जब तक यह जांच नहीं हो जाती तब तक क्या यह लड्डू बनने और बांटने बंद कर दिए जाएंगे?

सच तो यह है कि इस समाचार के बाद किसी भी मंदिर से और किसी भी हलवाई की दुकान से कोई भी प्रसाद या मिठाई खाने में संकोच हो रहा है। मेरा भारत सरकार और सभी प्रांतों की सरकारों से यह निवेदन है कि वे अपने अपने राज्य के सभी धार्मिक संस्थानों के यहां बनने और बांटने वाले भोजन प्रसाद की जांच करवाएं और यह देखें कि कहां—कहां पशुओं की चर्बी मिले घी से प्रसाद तैयार किया जा रहा है।

(SUBHEAD)भारत सरकार अपने सारे साधनों का युद्ध स्तर पर प्रयोग करके जनता को यह जानकारी दे कि हमें जो मार्केट में घी बिक रहा है, हलवाई जिसका प्रयोग कर रहे हैं, मंदिरों में जिसका प्रसाद बन रहा है वह खाना चाहिए या नहीं। अभी तो पूरी जनता विशेषकर शाकाहारी लोग गंभीर आशंका से घिरे हुए हैं।

शाकाहारी समाज किसी भी कीमत पर इन लोगों को माफ करने को तैयार नहीं, जो जानबूझकर भक्तों को पशुओं की चर्बी मिला घी और प्रसाद खिला रहे हैं। जब तक यह जांच नहीं हो जाती तिरुपति मंदिर से विशेषकर और शेष बड़े मंदिरों से भी इस तरह प्रसाद बनाना और बांटना बंद कर दिया जाए।