Monday, 17 August 2026
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हर काम में धार्मिक जागरुकता जरूरी : श्री मन्माधव गौड़ेश्वर वैष्णव आचार्य श्री पुण्डरीक गोस्वामी

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श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज के साथ ब्रज रस कथा की शुरु

(MOREPIC1)(MOREPIC2)फेस2न्यूज /पंचकूला,

वृंदावन के श्रीमद माधवगोविंदेश्वर वैष्णवाचार्य पूज्यपाद श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज के आध्यात्मिक मार्गदर्शन में आज बहुप्रतीक्षित ब्रज रस कथा शुरू की गई, जो भक्तों के दिल और दिमाग को लुभा रही है। इन प्रवचनों ने भक्तों को भक्ति कथा और संगीत के माध्यम से वृंदावन की एक आत्मिक यात्रा पर ले गया, जिसमें रेणु (ब्रज राज), वेणु (बांसुरी), धेनु (गाय), श्री कृष्ण और श्री राधा के दिव्य विषयों की खोज की गई, जिससे हमारी आध्यात्मिक विरासत के प्रति ज्ञान के साथ एक गहरा संबंध विकसित हुआ।

इस मौके श्री मन्माधव गौड़ेश्वर वैष्णव आचार्य श्री पुण्डरीक गोस्वामी ने मकान नंबर 1111, सेक्टर 7, पंचकुला में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि हर काम में धार्मिक जागरुकता जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश में धार्मिक पत्रकारिता होना भी बहुत जरूरी है, जिसमें आपको हर चीज का ज्ञान हो।

उन्होंने कहा कि हमें जाति के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए और किसी की सुनी हुई बात पर यकीन नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके स्कूल में यहां 20,000 छात्र अध्ययन कर रहे हैं, जिनमें से अधिकांश शिक्षाविद्, डॉक्टर, वकील और विभिन्न पेशेवर हैं। उन्होंने कहा कि हमें सभी धार्मिक ग्रंथ पढ़ने चाहिए, जिससे हमें बहुत ज्ञान मिलता है। उन्होंने मई में दोबारा पंचकूला आने के बारे में भी बताया।

पहले दिन पवित्र ब्रज रस रेणु पर चर्चा की गई। ब्रज के दिव्य क्षेत्र में, रेणु – पवित्र ब्रज राज विनम्रता, भक्ति और दिव्य कृपा का प्रतीक है। यह श्री कृष्ण, श्री राधा और अनगिनत संतों के पदचिह्नों से पवित्र हुआ, जो गहन आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है। रेणु ने समर्पण और निस्वार्थता की शिक्षा दी।

(SUBHEAD)ब्रज राज की तरह जो सबके नीचे है, फिर भी सबका समर्थन करता है, इसने विनम्रता और पवित्रता को प्रेरित किया, जिससे आध्यात्मिक उत्थान हुआ। ब्रज रस कथा के माध्यम से, श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज ने भक्ति और आत्म-साक्षात्कार के लिए परिवर्तनकारी ज्ञान प्रदान करते हुए रेणु के गहन पाठों को प्रकट किया।

यह कार्यक्रम 18 से 22 नवंबर 2024 तक, शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक, पंचकूला (हरियाणा) के सेक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है। भक्तों ने कृष्ण कथा के अमृत में डुबकी लगाई और प्रसाद के साथ सत्र का समापन किया।

इस कार्यक्रम के आयोजक हर्ष शर्मा ने आए भक्तों का धन्यवाद किया और आने वाले दिनों में लोगों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की। इस कार्यक्रम में श्री राधे कृपा परिवार ट्रस्ट पंचकूला, श्री राधा संकीर्तन मंडल पंचकूला और वैजयंती सेवा संस्था ट्रस्ट वृंदावन का भी भरपूर सहयोग रहा। इस अवसर पर रजनीश शर्मा, सुनील शर्मा, सुमित शर्मा, अनिल थापर, राकेश गुप्ता, नेमचंद और रौशन लाल भी उपस्थित रहे।