ENGLISH HINDI Wednesday, January 07, 2026
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
डेराबस्सी मेडिकल एसोसिएशन का चुनाव: डॉ. संजय अत्री अध्यक्ष चुने गए, डॉ. रवीना सूरी महासचिव बनींअयोध्या में विवादित ढांचा गिराने की कार सेवा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रसूलपुर को किया सम्मानितगाय माता को राष्ट्रीय दर्जा और नशा मुक्ति को लेकर संत समाज का बड़ा ऐलान, सक्रिय भागीदारी निभाएंहिम एमएसएमई फेस्ट 2026 प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र को नई दिशा देगा: मुख्यमंत्रीविहिप ने प्रशासक से मुलाकात कर गौमांस के अवैध व्यापार, धर्मांतरण, लव जिहाद तथा नशे के बढ़ते प्रचलन पर चर्चा कीशहर के चर्चित कवि डॉ. अनीश गर्ग कनाडा में होंगे सम्मानितडॉ. बख्शी गुप्ता आई केयर सेंटर चंडीगढ़ के सहयोग से होप आई केयर क्लिनिक का शुभारंभबांग्लादेश में एक और हिन्दू नागरिक की हत्या से आक्रोश
राष्ट्रीय

भारत सरकार उन एजेंटों को पकड़े जिन्होंने अवैध रूप से युवकों को बाहर भेजा : लक्ष्मीकांता चावला

February 06, 2025 02:15 PM

भाजपा नेत्री लक्ष्मीकांता चावला ने पूछा कि आखिर अपने देश में रोटी की क्या इतनी कमी है कि वे केवल डालरों के लिए जो कुछ अपने पास है वह भी मिट्टी में मिलाकर बाहर जा रहे हैं। कभी नहीं देखा होगा कि बेटा विदेश से वापस आए तो मां—बाप रो रहे हों, लेकिन यहां देखा गया है कि जब अमेरिका से वापस भेजे गए लड़के पंजाब के घरों में जाते दिखाई दिए तो हर घर में दुख का वातावरण था। कहीं पर तो माता—पिता रो रहे थे कि वे जिंदगी भर कर्ज नहीं उतार सकते। 

फेस2न्यूज /अमृतसर

अमेरिका ने अवैध रूप से रहने वाले भारतीयों को वापस भेजा है। दुख की बात है कि उन्हें बेड़ियों में जकड़कर भेजा, पर अपने देश की सरकारों से, शासन प्रशासन से यह सवाल है कि उन एजेंटों पर नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा, जो लोगों को धोखे से दूसरे देशों में भेजने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लेते हैं। अपनी जमीन जायदाद बेचकर विदेश जाने के लिए नौजवान तैयार हो जाते हैं, पर इसमें जनता का भी दोष है।

भाजपा नेत्री लक्ष्मीकांता चावला ने पूछा कि आखिर अपने देश में रोटी की क्या इतनी कमी है कि वे केवल डालरों के लिए जो कुछ अपने पास है वह भी मिट्टी में मिलाकर बाहर जा रहे हैं। कभी नहीं देखा होगा कि बेटा विदेश से वापस आए तो मां—बाप रो रहे हों, लेकिन यहां देखा गया है कि जब अमेरिका से वापस भेजे गए लड़के पंजाब के घरों में जाते दिखाई दिए तो हर घर में दुख का वातावरण था। कहीं पर तो माता—पिता रो रहे थे कि वे जिंदगी भर कर्ज नहीं उतार सकते।

लक्ष्मीकांता चावला ने कहा, इसका एक ही समाधान है कि भारत सरकार उन एजेंटों को पकड़े, जिन्होंने इन्हें अवैध रूप से भेजा और जितना धन इनसे लिया है वे वापस इनको दिलवाए, जिससे ये फिर अपनी जिंदगी शुरू कर सकें।

हैरानगी यह है कि जिनके पास एजेंटों को देने के लिए तीस चालीस लाख रुपये हैं वे तो यहां भी आराम से काम करके रोटी कमा सकते हैं, वे क्यों विदेश की ओर भागते हैं। ड्यूटी सरकार की भी है और हमारे शिक्षा जगत की भी कि सरकार एजेंटों को कम करे और स्कूलों कालेजों में बच्चों को यह समझाया जाए कि विदेश भागने की जगह अपने देश में रहना ही उचित है।

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
ई एस आई डिस्पेंसरी पंचकूला की दादागिरी- नियम मनवाऊंगा लेकिन मांगने पर नियम की कॉपी नहीं दिखाऊंगा तीन सवाल, जो बना सकता है प्रशासन को जिम्मेवार और बदल सकता है आपका लाइफस्टाइल फ्लाइट कैंसिल होने पर वैकल्पिक व्यवस्था न देना गंभीर सेवा दोष, स्पाइसजेट एयरलाइन पर लगा 60 हजार रुपये का जुर्माना ब्र.कु. नवीना बहन के दिव्य अलौकिक समर्पण समारोह का आयोजन नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज को मिला उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट दायित्व, अनुयायियों में खुशी की लहर बिहार चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत के मायने खास खबरः 14 साल में भारत में डेंगू के करीब 27 लाख केस 1983 में घटे असम के नेली नरसंहार की सच्चाई सार्वजनिक की जाए, पीपीफए की मांग आने वाले समय में ब्रह्माकुमारीज़ विश्व शांति के प्रयासों का प्रमुख केंद्र होगा: नरेंद्र मोदी अलविदा! असरानी