Tuesday, 18 August 2026
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इमिग्रेशन कंपनी के मालिक को फिर मिली फिरौती की धमकी

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अज्ञात व्यक्ति ने रुपये देने की धमकी दी। पत्र के माध्यम से 50 लाख रुपये मांगे,  फायरिंग में एक करोड़ रुपए और बोलेरो गाड़ी की मांग पहले ही की जा चुकी है।  पुलिस फायरिंग के आरोपी को गिरफ्तार करने में सफल रही। 

पिंकी सैनी/डेराबस्सी

यहां कॉलेज कॉलोनी स्थित एजुकेशन प्वाइंट इमिग्रेशन एवं आईईएलटीएस कंपनी के मालिक को एक बार फिर धमकी भरा पत्र मिला है, जिसमें 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई है। 50 लाख रु. हिंदी में लिखा यह पत्र कल किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके कार्यालय में छोड़ा था। कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे काम नहीं करने के कारण पत्र फेंकने वाले व्यक्ति को पकड़ा नहीं जा सका। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ नया मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पत्र में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद खेरी गुजरान गांव निवासी गैंगस्टर मंजीत सिंह उर्फ गुरी का हवाला देते हुए 50 लाख रुपये की मांग की गई है। इस पत्र में धमकी दी गई है कि इससे पहले उनसे एक करोड़ रुपये की मांग की गई थी, जो उन्होंने पूरी नहीं की। पचास लाख रुपये की मौजूदा मांग पूरी न करने पर उन्हें परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है।

(SUBHEAD)उल्लेखनीय है कि गत वर्ष सितम्बर माह में दो नकाबपोश बदमाशों ने एक पत्र का हवाला देते हुए तथा गांव खेड़ी गुजरान निवासी गैंगस्टर गुरजीत सिंह उर्फ गुरी का जिक्र करते हुए इस इमिग्रेशन कंपनी पर फायरिंग की थी। उस समय उन्होंने एक करोड़ रुपए और बोलेरो कार की मांग की थी।

पुलिस ने मामले में अन्य लोगों के अलावा गांव खेड़ी गुजरां निवासी मास्टरमाइंड मनजीत सिंह गुरी को नामजद किया था और तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से एक नाबालिग था और दो की पहचान अंबाला के लखनौरा निवासी मोहित कुमार उर्फ बंटी और डेराबस्सी के गांव महमदपुर निवासी जगदीप सिंह जग्गू के रूप में हुई थी। उस समय पुलिस ने दावा किया था कि इसका मास्टरमाइंड गुरजीत सिंह गुरी लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़ा हुआ था।

डीएसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने दावा किया कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच की जा रही है कि क्या इनका संबंध पुराने धमकी भरे पत्र भेजने वाले और गोलीबारी करने वाले आरोपियों से है या फिर यह शरारत किसी और ने की है।

कैप्शन: कॉलेज कॉलोनी स्थित इमिग्रेशन सेंटर की पुरानी तस्वीर।