ENGLISH HINDI Sunday, January 11, 2026
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
नशा मुक्ति हरियाणा अभियान को लेकर पंचकूला पुलिस व पत्रकारों के बीच खेला क्रिकेट मैचझूठ की राजनीति करने वालों को सत्ता से बाहर करें पंजाब के लोग: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनीहरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चरण कंवल साहिब माछीवाड़ा गुरुद्वारा साहिब में टेका माथाचण्डीगढ़ फोटोग्राफर्स एसोसिएशन के सदस्यों के लिए नवीनतम मिररलेस कैमरे के संचालन की वर्कशॉप आयोजितसीआरपीएफ, 13 बटालियन के प्रांगण में ब्रह्मकुमारी संस्था के सहयोग से आध्यात्मिक कार्यक्रम समाधान का आयोजनमनीमाजरा में आवारा कुत्तों का कहर: सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद सोया है चंडीगढ़ प्रशासनचण्डीगढ़ के सेक्टर 19 की मार्केट में फड़ी वाले ने दुकानदार पर किया हमला एलआईसी में कर्मचारियों से सरेआम रिश्वत मांग रहा ठेकेदार!
हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में पहली बार जाइका ने रोपे बोझ पत्र के 1500 पौधे

September 25, 2025 04:31 PM

दुर्लभ प्रजाति बोझ पत्र को जिंदा करने में मिली सफलता, किन्नौर के निचार, तरांडा और जानी में रोपे पांच-पांच सौ पौधे.
ग्रामीणों को कार्यशाला के माध्यम से किया जागरुक

फेस2न्यूज /शिमला

विलुप्त हो रही दुर्लभ प्रजाति के पौधे बोझ पत्र को जिंदा करने के लिए जाइका वानिकी परियोजना को सफलता मिली है। हिमाचल प्रदेश में पहली बार इस प्रजाति के पौधों की नर्सरी तैयार करने से लेकर पौधरोपण तक सफलता मिली है।

जाइका वानिकी परियोजना ने हिमालयन फोरेस्ट रिसर्च इन्टीच्यूट शिमला के सहयोग से पहली बार बोझ पत्र की नर्सरी तैयार करवाई ताकि इस दुर्लभ प्रजाति एवं सांस्कृतिक पौधों को पुनः रोपित कर उनके प्राकृतिक स्थलों पर पौधरोपण अभियान के माध्यम से लगाया जा सके। इस दिशा में जाइका वानिकी परियोजना बेहतरीन कार्य कर रही है। बोझ पत्र की संभावनाओं को देखते हुए जिला किन्नौर में पहली बार 15 सौ पौधे रोपे गए। वन मंडल किन्नौर के अंतर्गत तरांडा, निगुलसरी और जानी में क्रमशः पांच सौ-पांच सौ पौधे बोझ पत्र के रोपे गए।

बोझ पत्र की संभावना के मद्देनजर वीरवार को वन परिक्षेत्र निचार स्थित भावानगर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिमालयन फोरेस्ट रिसर्च इन्टीच्यूट शिमला के निदेशक प्रभारी डा. संदीप शर्मा, वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. पितांबर नेगी और तकनीकी अधिकारी ज्वाला सिंह ने बोझ पत्र के पौधरोपण से लेकर उनके संरक्षण पर विस्तृत जानकारी दी।
 
प्रदेश में 30 हजार पौधे रोपेन का लक्ष्य: डा. काप्टा

जाइका वानिकी परियोजना के जड़ी-बूटी सैल के निदेशक डा. एसके काप्टा ने बताया कि आने वाले समय में इस प्रजाति के पौधों को स्पीति, कुल्लू तथा अन्य प्राकृतिक स्थालों पर रोपित किया जाएगा। इस प्रयास के तहत परियोजना ने 30 हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि जाइका वानिकी परियोजना ने पहली बार जिला किन्नौर में 15 सौ पौधे रोपित कर सफलता हासिल की।

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और हिमाचल प्रदेश ख़बरें
हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र को नई दिशा देगा: मुख्यमंत्री हिमाचल औषधियों गुणों से युक्त भांग के लिए जाना जाएगा, मुख्यमंत्री की ‘ग्रीन टू गोल्ड’ पहल से बढ़ेगी किसानों की आमदनी मेरा हिमाचल, चिट्टा मुक्त हिमाचलः मुख्यमंत्री, चिट्टे के विरुद्ध बिलासपुर में उमड़ा जन सैलाब शिमला प्रेसिडेंसी स्कूल, हरिदेवी में वार्षिक समारोह का किया गया आयोजन चिट्टा तस्करों के विरुद्ध निर्णायक राज्यव्यापी कार्रवाई जारी राज्यपाल ने आईएएंडएएस अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए जारी किए गए 460 करोड़ रुपये: मुख्यमंत्री हिमाचल विधानसभा का शीतकालीन सत्र धर्मशाला में 26 नवंबर से, मुख्यमंत्री पहुंचे, गर्मजोशी से हुआ स्वागत आपदा प्रभावित परिवारों को घरेलू सामान के नुकसान की भरपाई के लिए मिलने वाली धनराशि 70,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख आर्ट ऑफ लिविंग हिमाचल प्रदेश में ऑस्टियोपैथी कॉलेज स्थापित करने के लिए उत्सुकः श्री श्री रविशंकर