अरुण वशिष्ठ और राजबीर सिंह ने भारतीय चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठाए कड़े सवाल
फेस2न्यूज/चंडीगढ़
मनीमाजरा के विभिन्न इलाकों में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि स्थानीय निवासियों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर समाजसेवी अरुण वशिष्ठ (एडवोकेट) और राजबीर सिंह भारतीय ने सयुंक्त रुप से चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं।
इन इलाकों में दहशत का माहौल:समाजसेवियों ने बताया कि इंदिरा कॉलोनी पार्क, शिवालिक गार्डन, शांति नगर, दर्शनी बाग और ओल्ड मनीमाजरा की गलियों में कुत्तों के झुंड हर समय मौजूद रहते हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि बच्चे पार्क में खेलने से डर रहे हैं और बुजुर्गों का सुबह-शाम सैर पर जाना खतरे से खाली नहीं है। गलियों में कुत्तों के हमले की खबरें रोजाना आ रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना: एडवोकेट अरुण वशिष्ठ ने कहा कि आवारा कुत्तों के प्रबंधन और आम जनता की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश मौजूद हैं। इसके बावजूद चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की अनदेखी के कारण मासूम बच्चे और राहगीर इन खूंखार कुत्तों का शिकार बन रहे हैं।
अरुण वशिष्ठ एडवोकेट ने रोष व्यक्त करते हुए कहा, "सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों के बावजूद चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रशासन को आवारा पशुओं से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। लेकिन यहाँ प्रशासन गहरी नींद सोया है।"
प्रशासन को चेतावनी: राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इन कुत्तों को पकड़ने और नसबंदी के साथ-साथ ठोस समाधान नहीं निकाला, तो वे क्षेत्र के निवासियों को साथ लेकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि आए दिन मनीमाजरा में डॉग बाइट (कुत्तों के काटने) की घटनाएं सामने आ रही हैं। कल ही मनीमाजरा टाउन में कुत्ते ने एक एनआरआई को काट लिया। प्रशासन केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित है, जबकि धरातल पर न तो नसबंदी अभियान सही ढंग से चल रहा है और न ही आक्रामक कुत्तों को पकड़ने की कोई व्यवस्था है।
उन्होंने सयुंक्त रुप से मांग की है कि: चिन्हित इलाकों में तुरंत कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया जाए।, घायल व्यक्तियों को उचित मुआवजा और मुफ्त इलाज दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का जमीनी स्तर पर पालन सुनिश्चित हो, मनीमाजरा के प्रभावित इलाकों में तुरंत विशेष अभियान चलाकर आक्रामक कुत्तों को पकड़ा जाए, सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन में तेजी लाई जाए, डॉग बाइट के शिकार पीड़ितों को उचित इलाज और मुआवजा सुनिश्चित किया जाए।
समाजसेवियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा।