ENGLISH HINDI Wednesday, February 18, 2026
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
एसडीएम डेराबस्सी अमित गुप्ता ने प्रेस क्लब के सदस्यों से की विशेष बैठकमहाशिवरात्रि महोत्सव पर विधिविधान से किया पूजन व विशाल भंडारामनोहर लाल खट्टर अचानक तरुण भण्डारी से मिलने पहुँचे, आत्मीय मुलाकात ने छोड़ी गहरी छापप्रोफेशनल क्रिकेट अकादमी और जे.आर.क्रिकेट अकादमी की टीमें फाइनल में 28 फरवरी से पूर्व ई-केवाईसी सुनिश्चित करें सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थीसामर्थ्य का शानदार समारोह: 24वें कैविनकेयर एबिलिटी अवॉर्ड्स 2026 में पाँच अग्रणी भारतीय विकलांग उपलब्धि-धारकों को सम्मानव्यापारी नेता अजय गुप्ता सर्वसम्मति से चुने गए चण्डीगढ़ बिज़नेस काउंसिल के अध्यक्षरहें न रहें हम , महका करेंगे....
राष्ट्रीय

पीईसी ने उत्तराखंड के पत्रकार की रहस्यमय मौत की निष्पक्ष जांच की माँग की

October 02, 2025 01:33 PM

फेस2न्यूज/जेनेवा:

वैश्विक मीडिया सुरक्षा एवं अधिकार संगठन प्रेस एम्बलम कैंपेन (PEC) ने उत्तराखंड के पत्रकार राजीव प्रताप सिंह की रहस्यमयी मौत पर गहरी चिंता जताई है और इसके पीछे की सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जाँच की माँग की है। 36 वर्षीय राजीव का शव 28 सितंबर, रविवार को भागीरथी नदी पर बने जोशियारा जलविद्युत बैराज से बरामद हुआ था। वह 18 सितंबर से लापता थे।

नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) के पूर्व छात्र राजीव "दिल्ली उत्तराखंड लाइव" नामक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म चलाते थे, जो खास तौर पर स्थानीय मुद्दों को उजागर करता था।

पीईसी के अध्यक्ष ब्लेज़ लेम्पेन ने कहा— "हम चाहते हैं कि राजीव प्रताप सिंह की मौत की परिस्थितियों की गंभीर और निष्पक्ष जाँच हो। यदि इसमें किसी की संलिप्तता पाई जाती है तो उन्हें क़ानून के तहत दंडित किया जाए। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस मामले में व्यक्तिगत रूप से पहल करनी चाहिए, क्योंकि कहा जा रहा है कि पत्रकार को उनकी रिपोर्टिंग के कारण कई बार धमकियाँ मिली थीं।"

पीईसी के दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया प्रतिनिधि नव ठाकुरिया ने बताया कि इस वर्ष अब तक दुनिया भर में 136 पत्रकार अपनी जान गंवा चुके हैं। कुछ महीने पहले नेपाल की राजधानी काठमांडू में राजशाही समर्थक आंदोलन के दौरान पत्रकार सुरेश रजक की हत्या कर दी गई थी।

भारत में भी 1 जनवरी 2025 से अब तक पत्रकार मुकेश चंद्राकर, राघवेंद्र वाजपेयी, सहदेव डे, धर्मेंद्र सिंह चौहान और चिंताकयालु नरेश कुमार की हत्या हो चुकी है। वहीं, बांग्लादेश में कम से कम चार पत्रकार—मोहम्मद असदुज्जमां तुहिन, बिभुरंजन सरकार, अनवर हुसैन और खंडाकर शाह आलम—की हत्या कर दी गई।

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
गैंडे की रक्षा से विकास की पटरी तक: असम ने संरक्षण की मिसाल कायम की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में कैसे हासिल करें सफलता , शिक्षा जगत के माहिर मोटीवेटर चरणजीत कुमार मित्तल दिए टॉप-10 टिप्स सिंगापुर से आई बुरी खबर: क्या जुबीन को न्याय मिलेगा? पतंगों से सीखे जीवन की उंची और सुखद उड़ान-संतोष दीदी ई एस आई डिस्पेंसरी पंचकूला की दादागिरी- नियम मनवाऊंगा लेकिन मांगने पर नियम की कॉपी नहीं दिखाऊंगा तीन सवाल, जो बना सकता है प्रशासन को जिम्मेवार और बदल सकता है आपका लाइफस्टाइल फ्लाइट कैंसिल होने पर वैकल्पिक व्यवस्था न देना गंभीर सेवा दोष, स्पाइसजेट एयरलाइन पर लगा 60 हजार रुपये का जुर्माना ब्र.कु. नवीना बहन के दिव्य अलौकिक समर्पण समारोह का आयोजन नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज को मिला उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट दायित्व, अनुयायियों में खुशी की लहर बिहार चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत के मायने