Saturday, 22 August 2026
Breaking News
हरियाणा में 6 आईएएस, 10 एचसीएस अधिकारियों के तबादले राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय सेक्टर 50 पुस्तकालय अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित चंदन गुप्ता बनीं तीज क्वीन:  हरियाली तीज उत्सव में नारीशक्ति और परंपरा का दिखा संगम जागो ग्राहक जागो - ड्यूटी पर जाते या आते समय रास्ते में दुर्घटना तो मुआवजा के लिए कंपनी जिम्मेवार, सुप्रीम कोर्ट संस्मरण: आज 67 साल का हो गया मेरा कॉलेज! काज़ीरंगा होटल परियोजना का विरोध कर रहे प्रणब डोले को जमानत के बाद NSA हिरासत, उठे सवाल ऐ मेरे प्यारे वतन... आउटसोर्स कर्मचारियों की जॉब सिक्योर पॉलिसी पर स्वास्थ्य मंत्रालय का चण्डीगढ़ प्रशासन को पत्र आयुर्वेद के पुनर्जागरण से नई पीढ़ी जुड़े: गुलाब चंद कटारिया जीएमसीएच-32 का चंडीगढ़ मॉडल बुजुर्गों में डिजिटल स्वास्थ्य साक्षरता को  दे रहा है बढ़ावा
चर्चा Trending

ज्ञान का सागर है श्री राम कथाः कथा व्यास श्री कार्तिक गोस्वामी जी महाराज

Read in:Hindi

श्री सनातन धर्म मंदिर सेक्टर 23 में भगवान श्री राम कथा का आयोजन

(MOREPIC1) फेस2न्यूज/चंडीगढ़ 

 राम कथा ज्ञान का वह सागर है जिसमें आपको जीवन को सही मायने से जीने की शिक्षा प्राप्त होती है। श्री राम कथा का पाठ ही सतत् जीवन को आनंदमयी कर देता है, जो व्यक्ति अपने घर में श्री रामचरित्रमानस की चैपाइयों का भाव सहित पाठ करता है वह सुखी जीवन व्यतीत करता है।

यह प्रवचन गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य पर सेक्टर 23 स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में आयोजित भगवान श्रीराम कथा के दौरान श्री मनमाधव गौड़ेश्वर वैष्णवाचार्य पूज्य श्री कार्तिक गोस्वामी जी महाराज ने श्रद्धालुओं को दिए। 

गुरु तत्व पर चिंतन करते हुए कथा व्यास गोस्वामी जी ने बताया कि गुरु के द्वारा वह दृष्टि प्राप्त होती है,जिसके द्वारा हम भगवान की लीलाओं का दर्शन व अनुभव कर सकते हैं। गुरु द्वारा ही भगवत भजन की अभिरुचि प्राप्त होती है। तुलसीदास जी ने शंकर जी को गुरु रूप में स्वीकार किया और शंकर जी की ही रूप हनुमानजी हैं।

इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्री राम के सुंदर भजन गाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और श्रद्धालुओं ने इस दौरान श्री राम का जयघोष किया।