ENGLISH HINDI Friday, March 27, 2026
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
हरियाणा में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल, 63 आईएएस और एचसीएस इधर से उधर वैश्विक ऊर्जा संकट: सुखना झील जैसे ध्वनि प्रदूषण मुक्त घोषित क्षेत्र में एयर शो के औचित्य पर सवाल उठाए वसीम मीर नेचण्डीगढ़ के सबसे बड़े कंजक पूजन का आयोजन किया हरिशंकर मिश्रा नेउपलब्धि : श्री चैतन्य गौड़ीय मठ संस्थान के अध्यक्ष भक्ति विचार विष्णु महाराज जी वर्ल्ड वैष्णव एसोसिएशन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्तहर्षोल्लास पूर्वक मनाया श्री राम नवमी उत्सवबाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी में 100 करोड़ का घोटाला! डिवाइन कराओके क्लब द्वारा संगीत ही जिन्दगी है-3 का आयोजन 29 कोगाँव बड़हेड़ी में पहला विशाल माँ भगवती जागरण 27 मार्च को
शहर में क्या, कब, कहाँ?

गुरुद्वारा श्री नानकसर साहिब, सेक्टर-28 के 49वें गुरमति समागम का मुख्य समारोह 9 मार्च को

March 08, 2025 12:34 PM

 फेस2न्यूज /चंडीगढ़ 

प्रतिवर्ष की भांति इस साल भी संत बाबा साधु सिंह जी की याद में 49वें वार्षिक गुरमति समागम का आयोजन गुरुद्वारा श्री नानकसर साहिब, सेक्टर-28 में बीती 3 मार्च से किया जा रहा है जिसका मुख्य समारोह 9 मार्च को होगा।

इस गुरुद्वारा साहिब के संचालक बाबा गुरदेव सिंह के मुताबिक यहां रोजाना सुबह 4 बजे से सवा सात बजे तक अमृत वेले श्री आसा दी वार का व तत्पश्चात 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक कीर्तन एवं श्री सुखमनी साहिब का पाठ किया जाता है जबकि सांय साढ़े 4 बजे से रात्रि 10 बजे तक शाम का कीर्तन दरबार होता है।

समागम की रहनुमाई संत बाबा गुरदेव सिंह के साथ-साथ संत बाबा लक्खा सिंह नानकसर कलेरांवाले करेंगे। उन्होंने बताया कि 9 मार्च को हज़ारों की संख्या में संगत पहुंचेगी व ख़ास बात ये है कि इनके लिए लंगर भी संगत अपने घरों से बनाकर लाएगी क्योंकि नानकसर साहिब जी के गुरुद्वारों में परम्परानुसार लंगर नहीं बनता है। 

9 मार्च को सुबह 10 बजे पाठों के भोग डालने के बाद खुले पंडाल में भरी दीवान सजाये जायेंगे। इसके अलावा सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक रक्तदान शिविर का आयोजन भी होगा।

अंत में अटूट लंगर भी बरताया जाएगा। समागम की रहनुमाई संत बाबा गुरदेव सिंह के साथ-साथ संत बाबा लक्खा सिंह नानकसर कलेरांवाले करेंगे। उन्होंने बताया कि 9 मार्च को हज़ारों की संख्या में संगत पहुंचेगी व ख़ास बात ये है कि इनके लिए लंगर भी संगत अपने घरों से बनाकर लाएगी क्योंकि नानकसर साहिब जी के गुरुद्वारों में परम्परानुसार लंगर नहीं बनता है। यहां कोई दान पात्र (गोलक) भी नहीं होता। यहाँ का सिद्धांत है कि यहाँ मांगने का काम नहीं है, बल्कि जो सेवा करना चाहता है, वह ही आए।

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और शहर में क्या, कब, कहाँ? ख़बरें
डिवाइन कराओके क्लब द्वारा संगीत ही जिन्दगी है-3 का आयोजन 29 को गाँव बड़हेड़ी में पहला विशाल माँ भगवती जागरण 27 मार्च को सेंट्रल लाइब्रेरी सेक्टर 17 चंडीगढ़ में कैंसर अवेयरनेस पर बनी फिल्म का प्रदर्शन 29 नवंबर को जाट सभा, चण्डीगढ़ द्वारा स्कूली बच्चों की पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता 21 नवंबर को चण्डीगढ़ में पहली बार श्री खाटू श्याम जी निशान यात्रा 21 नवम्बर को निकाली जाएगी रे मन, सुर में गा.....सुर में सजी गीतों भरी शाम होगी 15 नवम्बर को प्रख्यात समाजसेवी ज्ञानी रेवत सिंह का निधन, भोग व अंतिम अरदास 8 नवंबर को चंडीगढ़ में चण्डीगढ़ के सभी संत एवं धार्मिक हस्तियां 24 को एक मंच पर 'प्रभु जी दरबार' रिहौड़ जिला पंचकूला में विशाल भंडारा 9 अक्तूबर को श्री मद भागवत कथा व वृन्दावन प्राकटय उत्सव का आयोजन 27 सितंबर से