Sunday, 18 October 2026
Breaking News
सरगम सोसाइटी ऑफ इंडियन म्यूजिक एंड आर्ट ने  महफिल-ए-म्यूजिक" संगीत कार्यक्रम का किया आयोजन आम के बाग को बचाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन जन्म लीला और ब्रज लीला के अलौकिक प्रसंगों से गूँजा पंडाल पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स नई दिल्ली से स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त चिकित्सकों को मेरिट के आधार पर मिलेगी नियुक्ति सामूहिक प्रयास रंग लाया : सीसीईटी के आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत, ड्यूटी पर न आने का आदेश वापस चंडीगढ़ में ‘अल्फा इवेंट्स’ का शुभारंभ, कॉरपोरेट इवेंट्स से लेकर शादियों तक मिलेगी प्रोफेशनल सेवाएं गुरु-भक्ति और ध्यान के रंग में रंगी संगत, 50 श्रद्धालुओं ने धारण किया पीताम्बर स्पोर्ट्स प्रोमोशन सोसाइटी, पंचकूला का बरवाला में "सर्कल कबड्डी" टूर्नामेंट 15 नवंबर को, विजेता टीम को ₹2 लाख का ईनाम एसएसएन मॉडल स्कूल में दशहरा उत्सव, 200 विद्यार्थियों ने बनाए रावण के मॉडल ‘आये तुम याद हमें-8’ के तहत ‘देव-किशोर: द इम्मोर्टल जोड़ी’ कार्यक्रम आयोजित, कलाकारों ने सदाबहार गीतों से बांधा समां
पंजाब Trending

नयागांव में पूर्व सरपंच की जद्दी प्रॉपर्टी को सरकारी सम्पति करार देते हुए नोटिस लगाया

Read in:Hindi

प्रशासन पर मिलीभगत व धक्केशाही का आरोप लगाया चण्डीगढ़ के कारोबारी जमीन मालिक ने

(MOREPIC1)फेस2न्यूज/चण्डीगढ़/ मोहाली :

नयागांव में एक पुश्तैनी प्रॉपर्टी को लेकर प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किए जाने से परेशान इस जमीन के मालिक एवं चण्डीगढ़ के कारोबारी गुरबचन सिंह ने स्थानीय प्रशासन पर मिलीभगत व धक्केशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि खसरा नंबर 188 की रजिस्ट्री किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर करवा दी गई है, जबकि यह उनकी जद्दी प्रॉपर्टी है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका परिवार कई वर्षों से नया गांव में सरपंच और पंच के पदों पर रह चुका है।

गुरबचन सिंह ने बताया कि बीती 13 मार्च 2025 को जारी किए गए पहले नोटिस में लिखा था कि खसरा नंबर 188 सरकारी संपत्ति है तथा 17 मार्च 2025 को जारी किए गए दूसरे नोटिस में उल्लेख किया गया कि इस जमीन पर अवैध रूप से निर्माण कार्य किया जा रहा है जबकि ये सभी झूठ बातें हैं एवं कोई भी कभी आकर यहाँ झूठ-सच की तस्दीक कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच होनी चाहिए।

उन्होंने ये भी कहा कि अगर ये गलत नोटिस वापिस न हुए तो धरना प्रदर्शन का रास्ता अपने जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

0 Comments