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धर्म

श्री संतोषी माता मंदिर में धूमधाम से मनाई गई श्री अन्नपूर्णा माता जयंती

December 07, 2025 07:13 PM

भक्तों ने 21 दिन का निर्जल व्रत रखकर की सेवा

  फेस2न्यूज/मनीमाजरा  

मनसा देवी रोड़ पर स्थित श्री अन्नपूर्णा संतोषी माता मंदिर और खाटू श्याम मंदिर में श्री अन्नपूर्णा माता की जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। यह पवित्र अवसर भक्तों के लिए विशेष रहा, क्योंकि यह मंदिर न केवल क्षेत्र का प्राचीनतम मंदिर लगभग 400 वर्ष पुराना माना जाता है। यहाँ प्रतिवर्ष अन्नपूर्णा जयंती पर हवन, भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन होता है।

जयंती उत्सव की शुरुआत हवन के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। हवन के पश्चात दोपहर माता की इच्छा तक भंडारा आयोजित किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और भक्ति-भाव में डूबे रहे। भंडारे में क्षेत्र के लोगों ने सेवा की और माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय रहा।

महन्त रामेश्वर गिरी ने बताया कि अन्नपूर्णा जयंती से पहले मंदिर परिवार और भक्तों ने 21 दिन निर्जल रहकर व्रत रखे, जो माता के हवन और भंडारे के साथ पूर्ण हुए। व्रत रखने वालों में रामेश्वर गिरी, महंत राजेंद्र गिरी, ममता गिरी, करमजीत गिरी, सोनिया गिरी, पुनीत गिरी, गौरव मल्होत्रा, बलविंदर गिरी, रानी गिरी, अमनदीप गिरी, योगराज गिरी, टींकु गिरी, हितेश गिरी, पिंकी गिरी, खुशमोहमद और कई अन्य भक्त शामिल रहे।

सभी ने माता अन्नपूर्णा के समक्ष हवन किया और व्रत पूर्ण होने पर प्रसाद ग्रहण किया। महंत रमेश्वर गिरी ने बताया कि माता के इस आशीर्वाद से भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है।

लगभग 400 वर्ष पुराना प्राचीन मंदिर—40 दिन आने वाले भक्तों की हर मनोकामना होती है पूर्ण।

मंदिर के इतिहास का उल्लेख करते हुए महंतों ने बताया कि यह श्री अन्नपूर्णा जी का सबसे पहला और अत्यंत प्राचीन मंदिर है, जो लगभग साढ़े 400 वर्ष पुराना माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जो भी भक्त लगातार 40 दिन मंदिर में नियमित दर्शन करता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है।

इसके अलावा, जो भक्त अन्नपूर्णा माता के मासिक व्रत रखता है, उसके घर में अन्न और धन की कभी कमी नहीं रहती। इसी विश्वास के साथ आज भी हजारों भक्त माता के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

महंत रामेश्वर गिरी ने बताया कि 1980 में हुई थी श्री संतोषी माता मूर्ति की स्थापना—अब मंदिर संतोषी माता मंदिर के नाम से प्रसिद्ध।: मंदिर में श्री संतोषी माता जी की मूर्ति वर्ष 1980 में स्थापित की गई थी। तभी से यह मंदिर संतोषी माता जी के नाम से प्रसिद्ध हो गया। स्थानीय भक्त बताते हैं कि माता के दरबार में हर समस्या का समाधान मिलता है और संतोष तथा सुख की प्राप्ति होती है।

खाटू श्याम बाबा मंदिर और लंगर हॉल का निर्माण शुरू—अगले हफ्ते लेंटर।

महन्तों ने यह भी जानकारी दी कि अब इस परिसर में श्री खाटू श्याम जी का नया मंदिर भी बनाया जा रहा है। इसके साथ ही एक विशाल लंगर हॉल भी निर्माणाधीन है, जहां आने वाले समय में बड़े पैमाने पर प्रसाद और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

इस उत्सव पर शहर के काफी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें ऑल मनीमाजरा वेल्फेयर एशोसियेशन के प्रधान एस एस परवाना, सुभाष धीमान चेयरमैन, राजबीर सिंह भारतीय, समाजसेवी शाम सिंह, बुआ सिंह, रामभज शर्मा, विनोद गुप्ता व अन्य श्रद्धालु विशेषतौर पर उपस्थित रहे । इस उत्सव के दौरान पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही, माता के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा और क्षेत्र धर्ममय हो उठा।

 
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