व्यंग्य
मनमोहन सिंह
हम सभी के लिए बहुत ही खुशी का समय है जब हमारी एक बहुत बड़ी यूनिवर्सिटी गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने विश्व शब्दकोश को एक नया मुहावरा और उपमा दी है। जिस तरह "कंगारू कोर्ट" या "हिमालयन ब्लंडर" जैसे मुहावरे इस्तेमाल में हैं उसी तरह से अब से "गलगोटिया इन्वेंशन" का मुहावरा भी भविष्य में इस्तेमाल किया जाता रहेगा।
हमारे देश के एक विश्वविद्यालय गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने जिस सफाई से एक कृत्रिम कुत्ता तैयार करके देश का मान बढ़ाया है वह कबीले तारीफ है। देश में चल रही एआई समिट में जिस उत्साह से सीना तान कर गलगोटिया यूनिवर्सिटी और भारत सरकार ने इसे अपनी बहुत बड़ी खोज बताया, मेरा सर गर्व से ऊंचा हो गया। हालांकि इससे पहले भी नाले की गैस से चूल्हा जलाने और धुंध में रडार के काम न करने जैसी खोज और जानकारी मुझे अपने देश के महामानव से मिल चुकी थी। पर कृत्रिम कुत्ता तैयार करना विश्व की बहुत बड़ी उपलब्धि थी।
केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैश्व ने इस पर बड़ा ट्वीट भी कर दिया। चारों ओर जय जय कार होने लगी। पर बुरा हो चीन का, उससे हमारी खुशी सहन ही नहीं हुई। उसने शोर मचा दिया कि यह खोज तो उसकी है और ऐसे कुत्ते दो ढाई लाख में विश्व भर मिलते हैं। पर मैने नहीं माना। सोचा आखिर दुश्मन देश है हमें नीचा दिखाने के लिए हमारी खोज को अपनी खोज बता रहा है।
केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैश्व ने इस पर बड़ा ट्वीट भी कर दिया। चारों ओर जय जय कार होने लगी। पर बुरा हो चीन का, उससे हमारी खुशी सहन ही नहीं हुई। उसने शोर मचा दिया कि यह खोज तो उसकी है और ऐसे कुत्ते दो ढाई लाख में विश्व भर मिलते हैं। पर मैने नहीं माना। सोचा आखिर दुश्मन देश है हमें नीचा दिखाने के लिए हमारी खोज को अपनी खोज बता रहा है।
मैने इसका विरोध किया और चाहा कि सरकार चीन के दावे को खारिज कर दे। पर यहां तो मंत्री जी ने अपना ट्वीट ही डिलीट कर दिया। तब मेरे स्वाभिमानी दिल को ठेस लगी।
पर हमारी सरकार और गोदी मीडिया ने इसे देश का अपमान नहीं माना। सही भी है एक कुत्ते को देश की अस्मिता के साथ कैसे जोड़ा जा सकता है। फिर इसने तो दुनियां को नया मुहावरा दे दिया "गलगोटिया इन्वेंशन"। अब दुनियां के किसी भी कोने में जब भी कोई व्यक्ति या संस्थान किसी दूसरे की इन्वेंशन चुराएगा तो उसे "गलगोटिया इन्वेंशन" के नाम से ही जाना जाएगा।
यह कोई छोटी उपब्धि नहीं है। मुझे इस तरह विश्व शब्दकोश को एक नया मुहावरा देने पर गर्व है।