ENGLISH HINDI Friday, February 27, 2026
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
ये दिल ये पागल दिल मेरा...वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन की बुक लवर्स फोरम की मासिक बैठक का आयोजनसेक्टर-50 जीसीसीबीए के एनएसएस और रेड रिबन क्लब ने थैलेसीमिया रोगियों के लिए 107 यूनिट रक्त एकत्र कियाडेरा बस्सी में तैनात सब-फायर ऑफिसर रिश्वत के आरोप में गिरफ्तारनायब सिंह सैनी का कांग्रेस पर प्रहार: पारदर्शी भर्ती से युवाओं का विश्वास बहाल, “झूठ की दुकान” की राजनीति बेनकाबअंतरराष्ट्रीय पैथोलॉजी कॉन्फ्रेंस में डॉक्टर एम. एस. बल का सम्मानश्री साईं पालकी को अपने घर में निमंत्रण देने ड्रॉ 26 को मां सरस्वती म्यूजिकल ग्रुप कालका ने किया संगीतमय कार्यक्रम जशन-ए-गीत का आयोजन
संपादकीय

कुछ याद उन्हें भी कर लो

October 20, 2022 04:30 PM

  पुलिस शहीद स्मृति दिवस 21 अक्टूबर

लक्ष्मीकांता चावला

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल व देश के सभी पुलिस बलों द्वारा हर साल 21 अक्टूबर को "पुलिस स्मृति दिवस” मनाया जाता है। यह दिन, दिनांक 21 अक्टूबर, 1959 को चीन के साथ हमारी सीमाओं की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाने वाले सीआरपी के वीर जवानों के बलिदान की याद में मनाया जाता है।

आज देश की आंतरिक सुरक्षा और बाहरी सुरक्षा के लिए हमारे जवान प्रतिदिन अपने खून से देश की रक्षा कर रहे हैं, बलिदान दे रहे हैं। हम सबका कर्तव्य है कि इस बलिदान दिवस पर उन सबको प्रणाम करें जिन्होंने सीमाओं की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया और हम सब यह संकल्प लें कि अपने देश की सीमाओं की सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा के लिए तन—मन—धन बलिदान करने के लिए सदैव तैयार रहेंगे।

दीपावली के पवित्र त्यौहार के निकट यह शहीदी दिवस हमें याद करवाता है कि जिन परिवारों के बेटों ने सीमाओं पर अपना जीवन अर्पित किया, पहला दीपक उनके घर में जले यह सुनिश्चित करें।

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और संपादकीय ख़बरें
क्या असम विधानसभा चुनाव पर जुबिन गर्ग का मुद्दा छाया रहेगा? अध्यक्ष नहीं, काउंसिल अधूरी: भारतीय प्रेस परिषद की कहानी एक साल से ठप प्रेस काउंसिल: क्या बिना पत्रकारों के ‘मीडिया वॉचडॉग’ चल सकता है? आज पूरी पत्रकारिता शर्मसार है! “बांग्लादेश का जन्म और असम का श्राप : शरणार्थियों के बोझ तले दबा एक राज्य” एक तरफ किसानों से बातचीत तो दूसरी और किसानों पर अद्वितीय गोलाबारी क्या यह है 2024 के बाद का भारत एक सैनिक की तरह कैसे रहें अनुशासित ? अगर रोटी नहीं पलटोगे तो जल जाएगी और सत्ता नहीं बदलोगे तो तानाशाह हो जाएगी... MANIPUR SCRIBES PUT EGI IN TROUBLES चुनाव आयोग कि स्वतंत्रता पर सुप्रीम सुनवाई, कितना सही, कितना गलत