फेस2न्यूज/ पंचकूला
पंचकूला पुलिस ने पिंजौर हत्या मामले की गुत्थी सुलझाते हुए वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज के मार्गदर्शन व डीसीपी क्राइम मनप्रीत सिंह सूदन के नेतृत्व में डिटेक्टिव स्टाफ की टीम ने यह बड़ी सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपियों को 27 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया गया और आज अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज ने बताया कि 22 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली थी कि पिंजौर-नालागढ़ बाईपास के पास गांव सुखोमाजरी के सामने सड़क किनारे खाई की तरफ करीब दो सप्ताह पुराना एक शव दबा हुआ है। सूचना मिलते ही डिटेक्टिव स्टाफ इंचार्ज इंस्पेक्टर मनदीप सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव बरामद किया। 23 अगस्त को एसएचओ पिंजौर इंस्पेक्टर बच्चू सिंह भी अपनी टीम सहित घटनास्थल पर पहुंचे। मौके पर सीन ऑफ क्राइम टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए और शव को सेक्टर-6 सामान्य नागरिक अस्पताल पंचकूला में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
जांच के दौरान मृतक की पहचान राजीव गुप्ता पुत्र रामू गुप्ता उर्फ सुरेश कुमार निवासी हरदोही (उत्तर प्रदेश) हाल न्यू इंदिरा कॉलोनी, सेक्टर-13 चंडीगढ़ के रूप में हुई। मृतक के पिता ने बताया कि उनका बेटा एक कंपनी में सुपरवाइज़र था और 2 अप्रैल को प्रेम विवाह किया था। इसके बाद उसका एक अन्य युवती से प्रेम प्रसंग भी चल रहा था।
इस कारण युवती के भाई और मामा ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी जिसकी शिकायत चंडीगढ़ पुलिस को पहले भी दी गई थी। 9 अगस्त को राजीव गुप्ता घर से एक्टिवा पर सवार होकर बिना बताए निकला था, जिसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और आखिरी लोकेशन पिंजौर की मिली। उसी दौरान पिंजौर क्षेत्र से शव मिलने की खबर मीडिया में आई, जिसके बाद परिजनों ने शव की पहचान की।
मृतक के पिता की शिकायत पर पिंजौर थाना पुलिस ने युवती के भाई और मामा सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238(1), 61(2) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर छापेमारी शुरू की। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार द्वारा की जा रही है।
डीसीपी क्राइम मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि डिटेक्टिव स्टाफ की टीम ने 27 अगस्त को मनीमाजरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के सामने से तीन वांछित आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कमलदीप उर्फ कुंदन पुत्र प्रदीप कुमार निवासी पिपलीवाला, मनीमाजरा (युवती का भाई), सत्यनारायण उर्फ सत्ता निवासी गांव रिसालू, जिला पानीपत और विनोद उर्फ बोडा पुत्र विजय सिंह निवासी नग्गल खेड़ी, जिला पानीपत (दोनों युवती के मामा) के रूप में हुई है। सत्यनारायण और विनोद पर पहले से ही पानीपत में हत्या का मामला दर्ज है।
डीसीपी क्राइम ने आगे बताया कि हमारी जांच में सामने आया कि तीनों आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से राजीव गुप्ता को पहले फोन कर बुलाया, फिर उस पर हमला कर सुएं से वार किए, चुन्नी से गला घोंटा और गर्दन तोड़कर उसकी हत्या कर दी और बाद में शव को गड्डा में दबा दिया था। तीनों पुलिस से बचने के लिए लगातार अपना स्थान बदल रहे थे लेकिन हमारी टीम से मुस्तैदी से तीनों पर पैनी नजर रखी और काबू कर लिया। पुलिस तीनों से गहन पूछताछ कर रही है और वारदात में इस्तेमाल किए गए सामान की बरामदगी भी रिमांड के दौरान की जाएगी।