ENGLISH HINDI Sunday, February 01, 2026
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
मिराकल हीलिंग बंद करो व पाखंडवाद मुर्दाबाद के नारों से गुंजायमान हो गया प्लाजा का माहौलप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हलवारा एयरपोर्ट का उद्घाटन करने 1 फरवरी को आएंगे पंजाब20 एचसीएस अधिकारियों को मिला सुपर टाइम स्केल, सरकार ने जारी किए आदेशराइट टू सर्विस कमीशन ने प्रभावित आवंटी मनोज वशिष्ठ को 5,000 रुपये तक का मुआवज़ा देने के दिए आदेशमां मनसा देवी निष्काम सेवक संघ चंडीगढ़ के 11वें ब्लड डोनेशन कैंप में 189 यूनिट रक्त एकत्रितपूजा बक्शी ने आईजी नवज्योति गोगोई का किया सम्मानउत्तराखंडी सांस्कृतिक कार्यक्रम "हिंवाऴी कांठी" 31 जनवरी को टैगोर थिएटर मेंचण्डीगढ़ मेयर चुनाव में भाजपा की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक विनोद तावड़े पहुंचे तरुण भंडारी के आवास पर
राष्ट्रीय

आने वाले समय में ब्रह्माकुमारीज़ विश्व शांति के प्रयासों का प्रमुख केंद्र होगा: नरेंद्र मोदी

November 01, 2025 07:16 PM

राज सदोष/अबोहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के छत्तीसगढ़ नवा रायपुर में नवनिर्मित शांति शिखर एकेडमी फॉर ए पीसफुल वर्ल्ड रिट्रीट सेंटर को समाज के नाम समर्पित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ ने स्वयं ही नहीं विश्व और ब्रह्मांड में शांति के प्रयासों से जोड़ा है। आपका पहला संबोधन ही ओम शांति है। ओम अर्थात् ब्रह्म और संपूर्ण ब्रह्मांड। शांति अर्थात् शांति ही कामना है। इसलिए ब्रह्माकुमारी के विचारों का हर किसी के अंतर्मन पर इतना प्रभाव पड़ता है। हमारा अध्यात्म हमें सिर्फ शांति का पाठ ही नहीं सिखाता, वह हमें हर कदम पर शांति की राह भी दिखाता है।

पीएम ने कहा कि विकसित भारत की इस अहम यात्रा में ब्रह्माकुमारीज़ जैसी संस्था की अहम भूमिका है। आज दुनिया में कहीं कोई संकट आता है, कोई आपदा आती है भारत एक भरोसेमंद साथी के तौर पर मदद के लिए आगे पहुंचता है। ब्रह्माकुमारीज़ में शब्द कम, सेवा ज्यादा है। मैं शांति शिखर की संकल्पना में उनके (दादी जानकी) विचारों को साकार होते हुए देख रहा हूं। मैंने इस आध्यात्मिक आंदोलन को वटवृक्ष की तरह विशाल होते देखा है।

पीएम ने कहा कि विकसित भारत की इस अहम यात्रा में ब्रह्माकुमारीज़ जैसी संस्था की अहम भूमिका है। आज दुनिया में कहीं कोई संकट आता है, कोई आपदा आती है भारत एक भरोसेमंद साथी के तौर पर मदद के लिए आगे पहुंचता है। ब्रह्माकुमारीज़ में शब्द कम, सेवा ज्यादा है। मैं शांति शिखर की संकल्पना में उनके (दादी जानकी) विचारों को साकार होते हुए देख रहा हूं। मैंने इस आध्यात्मिक आंदोलन को वटवृक्ष की तरह विशाल होते देखा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेरा तो सौभाग्य रहा है कि मैं बीते कई दशकों से आप सबके साथ जुड़ा हुआ हूं। इस संस्थान से मेरा अपनापन है। खासकर जानकी दीदी का स्नेह, दादी हृदयमोहिनी जी का मार्गदर्शन यह मेरी जीवन की विशेष स्मृतियों का हिस्सा है।

मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद दुनिया में मैं जहां-जहां गया, एक भी देश ऐसा नहीं होगा जहां मुझे ब्रह्माकुमारीज़ के लोग नहीं मिले हों, उनकी शुभकामनाएं मेरे साथ रहीं। अतिरिक्त महासचिव डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने छत्तीसगढ़ी टोपी और माला पहनाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका जयंती दीदी ने कहा कि परमात्मा आपको उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें ताकि आपके भारत के विश्व गुरु बनाने के संकल्प को सकारात्मक ऊर्जा मिलती रहे और आपके नेतृत्व में देश आगे बढ़ता रहे।

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में कैसे हासिल करें सफलता , शिक्षा जगत के माहिर मोटीवेटर चरणजीत कुमार मित्तल दिए टॉप-10 टिप्स सिंगापुर से आई बुरी खबर: क्या जुबीन को न्याय मिलेगा? पतंगों से सीखे जीवन की उंची और सुखद उड़ान-संतोष दीदी ई एस आई डिस्पेंसरी पंचकूला की दादागिरी- नियम मनवाऊंगा लेकिन मांगने पर नियम की कॉपी नहीं दिखाऊंगा तीन सवाल, जो बना सकता है प्रशासन को जिम्मेवार और बदल सकता है आपका लाइफस्टाइल फ्लाइट कैंसिल होने पर वैकल्पिक व्यवस्था न देना गंभीर सेवा दोष, स्पाइसजेट एयरलाइन पर लगा 60 हजार रुपये का जुर्माना ब्र.कु. नवीना बहन के दिव्य अलौकिक समर्पण समारोह का आयोजन नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज को मिला उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट दायित्व, अनुयायियों में खुशी की लहर बिहार चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत के मायने खास खबरः 14 साल में भारत में डेंगू के करीब 27 लाख केस