Monday, 08 June 2026
Breaking News
हिमाचल महासभा की कार्यकारिणी की बैठक में भावी कार्यक्रमों की रूपरेखा की तय  एस्पायर संस्थान 15 ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को प्रदान करेगा निःशुल्क कोचिंग मुख्यमंत्री ने ‘एस्पायर टैलेंट हंट’ का पोस्टर जारी किया प्रथम स्वर्गीय चौधरी भजन लाल ट्रॉफी उत्तर क्षेत्र अंडर-14 संयुक्त लड़के एवं लड़कियों का क्रिकेट टूर्नामेंट 17 जून से पंचकूला में सजा श्री बालाजी महाराज का दिव्य दरबार, महंत दिनेश पुरी महाराज ने श्रद्धालुओं की समस्याओं का किया समाधान किसी को मुझे आज़माना नहीं है प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ, सुरक्षित और हरित भविष्य की नींव है : कमांडेंट कमल सिसोदिया 5 सिग्नल बटालियन, केरिपुबल, हैल्लोमाज़रा में किया गया वृक्षारोपण डेराबस्सी ओवरब्रिज के नीचे 'अवैध बस्ती', बाथरूम तक बने, प्रशासन ने मूंदी आंखें ओआरसी सैनिक अकादमी के दो छात्रों का राष्ट्रीय सैनिक विद्यालयों में चयन "पेड़-पौधों में भी प्राण हैं,धरती की शान हैं...इनको बचाओ, हरा-भरा बनाओ और स्वस्थ जीवन पाओ"
कविताएँ Trending

शिव पराकाष्ठा हैं

Read in:Hindi

शिव पराकाष्ठा हैं।

राग की, वैराग्य की।
स्थिरता की, दृढ़ता की।
ध्यान की, विज्ञान की।
ज्ञान के प्रकाश की।।
वे समेटे हैं।
प्रेम को, क्रोध को।
शांति को, भ्रांति को।
त्याग को, विश्वास को।
भक्ति को, शक्ति को।।
शिव स्त्रोत हैं।
प्राण का, प्रमाण का।
धर्म का, कर्म का।
आचार का, विचार का ।
अंधकार के विनाश का।।
उनमे समाए हैं।
गीत भी, संगीत भी।
विष भी, अमृत भी।
समय भी, विनय भी।
आरम्भ भी अंत भी।।
लोग कहते है, शिव संहारक हैं,
वो संहार करते हैं,अंत करते हैं।
परंतु वह भूल जाते हैं कि
शंकर अंत करके एक नई शुरुआत का आरम्भ करते हैं।
वे सृजन भी करते हैं, संहार भी करते हैं।
ज़रूरत पड़ने पर चमत्कार भी करते हैं।
शिव ब्रह्मा भी हैं वेद भी।
जीवन का हैं भेद भी ।
शिव नारी भी हैं, पुरुष भी।
माया भी हैं, मोक्ष भी।।
वो निर्गुण भी हैं, सगुण भी।
सात्विक भी है, तामसिक भी।
ध्वनी भी हैं, दृष्टि भी।
श्वास भी हैं, मुक्ति भी।।
वो साधन भी हैं साधना भी।
चिंता भी हैं, और चिंतन भी।
वो अंदर भी हैं, बाहर भी।
और मुझ में भी हैं, तुझ में भी।।

— मेधावी महेंद्र